किस मौक़े पर कौन सा हनबोक
कोरियाई शादी, प्येबेक, पहले जन्मदिन और त्योहार पर कौन क्या पहनता है, और यह चलन कहाँ सचमुच बदल जाता है।
हनबोक पसंद से पहले भूमिका और मौक़े से चुना जाता है। जोगोरी (저고리) यानी छोटी ऊपरी जैकेट और चीमा (치마) यानी लपेटदार स्कर्ट लगभग वैसी ही रहती हैं; बदलती है उनके ऊपर की परत और सिर पर रखी जाने वाली चीज़। यहाँ वे पाँच मौक़े हैं जिनके लिए कोरियाई लोग सबसे अधिक हनबोक पहनते हैं।
शादी: दूल्हा और दुल्हन
दूल्हा सामोग्वानदे (사모관대) पहनता था: दाल्योंग (단령) के ऊपर सामो (사모), यानी जोसोन के अधिकारी की पंखदार काली टोपी — दाल्योंग वही गोल कॉलर वाला चोगा है जो अधिकारी ड्यूटी पर पहनते थे — और साथ में मोख्वा (목화) जूते। जिस दूल्हे के पास कोई पद न हो, वह भी उस दिन पद-चिह्न और कमरबंद पहन सकता था। दुल्हन गहरे लाल रंग की चीमा और गुलाबी भीतरी जोगोरी पहनती, उसके ऊपर हरी या पीली जोगोरी चढ़ाती, और फिर वोनसाम (원삼) या ह्वारोत (활옷) — दोनों चौड़ी आस्तीनों वाले समारोही चोगे, जिनमें ह्वारोत लाल ज़मीन पर घनी कढ़ाई से भरा रहता है। वोनसाम के साथ आम तौर पर जोकदुरी (족두리) नाम की छोटी टोपी और ह्वारोत के साथ ह्वागवान (화관) मुकुट चलता था, पर रंग, चोगा और टोपी हर परिवार अपने हिसाब से चुनता था। दोनों चोगों में आस्तीनों के सिरे पर सफ़ेद हानसाम (한삼) लगे रहते थे और कमर पर लाल देदे (대대) पट्टी।
होनजू: दोनों पक्षों के माता-पिता
होनजू (혼주) वे माता-पिता हैं जो शादी की मेज़बानी करते हैं। सब जो बात दोहराते हैं वह यह है कि दूल्हे की माँ नीले रंग पहनती हैं और दुल्हन की माँ लाल। यह कोई लिखित शिष्टाचार नहीं, एक रिवाज है: इसे कभी यिन-यांग के संतुलन से समझाया जाता है, कभी उस लोकोक्ति से कि बेटे को सीधा और बेटी को गरमाहट के साथ पाला जाता है। आजकल ज़्यादातर परिवार रंग आपस में तय कर लेते हैं। 2010 से 2019 के बीच छपी स्त्री होनजू की हनबोक जोगोरी की 271 तस्वीरों पर हुए 2021 के एक अध्ययन में 229 (84.5%) बानहोएजांग जोगोरी (반회장저고리) निकलीं, जिनमें दूसरे रंग का कपड़ा सिर्फ़ कॉलर, कफ़ और डोरियों पर लगता है। बग़ल के नीचे भी अलग रंग का पल्ला जोड़ दिया जाए तो यह सामहोएजांग जोगोरी (삼회장저고리) बन जाती है।
प्येबेक
प्येबेक (폐백) का असली नाम ह्योनगुगोर्ये (현구고례) है, यानी दुल्हन का अपने सास-ससुर को पहला औपचारिक अभिवादन। वह ससुर को बेर और चेस्टनट देती थी और सास को सूखा मांस, युकपो या प्योनपो। बाक़ी बातों पर कर्मकांड की पुस्तकें एकमत नहीं हैं: कुछ दो बार झुकने का विधान देती हैं, कुछ चार बार का, और सास-ससुर के बैठने की व्यवस्था हर ग्रंथ में अलग है। एक जगह यह भी दर्ज है कि ससुर बेर वापस दुल्हन की ओर उछाल देते थे। वह पूरा ह्वारोत या वोनसाम पहनती थी, या फिर हल्का दांगुई (당의) — गोल घेरे और सफ़ेद कफ़ वाली लंबी जैकेट — और ऐसे में झुकते समय अपने हाथ लंबे हानसाम से ढँक लेती थी।
पहला जन्मदिन
दोलबोक (돌복) इस पर निर्भर करता था कि घर की हैसियत कितनी है, पर वह हमेशा रंगीन होता था और सिर की टोपी से लेकर जूतों तक पूरा।
- लड़के: पुंगचाबाजी (풍차바지) यानी पीछे से खुली पतलून, साथ में गुलाबी जोगोरी या सेकदोंग (색동) धारीदार आस्तीनों वाली जोगोरी, एक बंडी और मागोजा (마고자) जैकेट, फिर ओबांगजांग दुरुमागी (오방장두루마기) यानी पाँच रंगों को जोड़कर बना कोट, या बिना बाँह का जोनबोक (전복), और सिर पर सादा बोकगोन (복건) या बाघ के मुँह वाली होगोन (호건) टोपी।
- लड़कियाँ: लाल चीमा और सेकदोंग जोगोरी, उनके ऊपर दांगुई या धारीदार दुरुमागी, और सिर पर गुल्ले (굴레) या जोबावी (조바위) टोपी।
- दोल्ती (돌띠) कमरबंद: कुछ विवरणों में लड़कों के लिए गहरा नीला और लड़कियों के लिए बैंगनी, तो कुछ में दोनों के लिए लाल।
सर्वेक्षणों में क्षेत्रीय आदतें भी साफ़ दर्ज हैं: दक्षिण जोल्ला में लड़कों के लिए हल्की नीली जोगोरी, और उत्तर ग्योंगसांग के आनदोंग में पीली-हरी सेकदोंग।
त्योहार
त्योहार के लिए नए सिलवाए कपड़ों को बिम (빔) कहते हैं — चंद्र नववर्ष के लिए सोलबिम, दानो के लिए दानोबिम, चुसोक के लिए चुसोकबिम। नववर्ष पर लड़की की पोशाक आम तौर पर पीली जोगोरी और गहरे लाल रंग की चीमा होती थी; चुसोक के लिए कहावत चलती है, गुलाबी जोगोरी और गहरे नीले रंग की चीमा। बड़े लोग आम तौर पर समारोही परतें छोड़ देते हैं और मौसम के मुताबिक़ कपड़े में अच्छी तराश की जोगोरी के साथ चीमा या पतलून पहनते हैं। बच्चों के कपड़ों पर लगे सेकदोंग को पाँचों दिशाओं के रंग एक साथ जुटाकर बुरी क़िस्मत दूर रखने के अर्थ में पढ़ा जाता है, हालाँकि कुछ लोग मानते हैं कि इसकी शुरुआत बचे हुए कतरनों को किफ़ायत से इस्तेमाल करने से हुई।
मौक़ा कोई भी हो, आख़िरी क़दम गोरेउम (고름) यानी दोनों डोरियाँ हैं। कॉलर के बाहरी हिस्से से आने वाली लंबी डोरी और भीतरी हिस्से से आने वाली छोटी डोरी को इस तरह एक बार बाँधिए कि छोटी ऊपर रहे, फिर लंबी डोरी से फंदा बनाइए, छोटी को उसके चारों ओर एक बार लपेटिए, और छोटी डोरी को फंदे के पीछे से खींचकर निकाल लीजिए। एक बार पूरा सेट पहन लीजिए, फिर यह सब कहीं ज़्यादा समझ में आता है।